एचएलएल के प्रजनन क्षमता मापने का किट

Posted on 06 Jun 2014 | Posted in General

नयी तकनॉलजी का ग्रहण, एक नवजात शिशु की रक्षा का कारण बन जाएगा। यह रक्षा और सहनशक्ति की लंबी अवधि का परिणाम है। विडंबना की बात यह है कि इस तरह का पहला श्रम है, लागत प्रभावी मूत्र-आधारित प्रजनन क्षमता मापने के किट।

देश में 30 मिल्यन बांझ जोडी हैं। संख्या बढ़ती जा रहती है। इस किट से, जटिल परीक्षण के लिए सस्ता और सुगम मार्ग मिलने की प्रतीक्षा है, जो प्रजनन क्षमता का स्तर मापता है और नॉन इनवेसिव एवं निजी तरीके के टेस्ट – ट्यूब शिशु जैसे महत्वपूर्ण विकल्प के लिए मार्ग प्रशस्त करता है।

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद् (आई सी एम आर) ने पुनरुत्पादक स्वास्थ्य में राष्ट्रीय अनुसंधान संस्थान (एन आई आर आर एच) द्वारा विकसित इस नूतन तकनॉलजी को सत्यापन, वाणिज्यीकरण और विपणन के लिए हाल में एचएलएल लाइफ़केयर को स्थानांतरित किया।

विद्यमान विशेष रक्त जाँच और प्रक्रियाओं की तुलना में, मूत्र आधारित तकनॉलजी को एनज़ाइमबद्ध प्रतिरक्षा – सोर्बेंट परख (एलिसा) पर आधारित सरल एवं लागत प्रभावी 4 किट्स हैं।

यह तकनॉलजी, बायोतकनॉलजी विभाग (डी बी टी), भारत सरकार द्वारा निधिक परियोजना में एन आई आर आर एच, आई सी एम आर की एक संस्था के डॉ.एम,आई. खटखटेय और डॉ.मीना देशाय द्वारा विकसित की गयी। बायोटेक कन्सोर्श्यम इंण्ड्या लिमिटेड (बी सी आई एल), डी बी टी का वाणिज्यिक इकाई, द्वारा इस तकनॉलजी को स्थानांतरित किया गया।

आई सी एम आर मुख्यालय, नई दिल्ली में डॉ.वी.एम.कटोच्च, सचिव, स्वास्थ्य अनुसंधान एवं महानिदेशक का विभाग, भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद्(आई सी एम आर) की उपस्थिति में डॉ.के.आर.एस.कृष्णन, एचएलएल आर & डी का प्रधान, पूर्णिमा शर्मा, बी सी आई सी का मुख्य कार्यपालक अधिकारी और डॉ.संजीवा.डी.खोलखुटे, एन आई आर आर एच का निदेशक द्वारा इस त्रि – पार्टी तकनॉलजी समझौते में हस्ताक्षर किया गया।

इस अवसर पर, डॉ.कटोच ने कहा, “ सार्वजनिक रूप से निधिक अनुसंधान का फल वहन करने योग्य तरीके में समाज में आना अनिवार्य है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अधीन के केंद्र सार्वजनिक उद्यम के रूप में एचएलएल ऐसे मिशन के लिए सुसज्जित है। इससे इस तकनॉलजी स्थानांतरण समझौता अधिक सार्थक भी है।”

एचएलएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ.एम अय्यप्पन ने कहा, विश्व भर के लोगों के लिए किफायती और प्राप्य पुनरुत्पादक स्वास्थ्य रक्षा उपाय और हमारे इस प्रयास के प्रति मूत्र – आधारित प्रजनन किट प्रदान करने के लिए एचएलएल सदा सबसे आगे है। मैं आशा करता हूँ, “ बंध्यता वाले लोगों के लिए यह नया आविष्कार अधिक दिलासा देगा।”

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